इसी कड़ी में टीबी मरीजों को पोषण सहायता देने के लिए निक्षय पोषण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत इलाज के दौरान हर महीने आर्थिक मदद दी जाती है।
इस लेख में आप जानेंगे कि निक्षय पोषण योजना क्या है, इसके लाभ क्या हैं, कौन लोग इसके लिए पात्र हैं और 2026 में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें – वह भी आसान हिंदी में, स्टेप‑बाय‑स्टेप।

निक्षय पोषण योजना क्या है?
निक्षय पोषण योजना टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित मरीजों के लिए चलाई गई एक महत्वपूर्ण पोषण सहायता योजना है।
टीबी के इलाज के दौरान मरीजों को अक्सर कमजोरी, भूख न लगना और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में मरीज के लिए पौष्टिक भोजन कर पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे इलाज लंबा खिंच जाता है या बीच में टूट जाता है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निक्षय पोषण योजना की शुरुआत की, ताकि टीबी मरीजों को इलाज के साथ‑साथ नियमित पोषण मिलता रहे।
इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत टीबी मरीजों को हर महीने तय राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक कमी के कारण कोई भी मरीज अपना उपचार अधूरा न छोड़े और जल्द से जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सके।
योजना का उद्देश्य – टीबी मुक्त बिहार और टीबी मुक्त भारत
निक्षय पोषण योजना केवल आर्थिक सहायता देने की योजना नहीं है, बल्कि यह टीबी मुक्त भारत मिशन का एक अहम हिस्सा है।
बिहार जैसे राज्यों में टीबी के मामले अधिक देखने को मिलते हैं, इसलिए यहाँ जागरूकता और सहायता दोनों की ज़्यादा आवश्यकता होती है।
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- टीबी मरीजों को पोषण के लिए सीधी आर्थिक सहायता देना
- मरीजों को उनका पूरा उपचार समय पर और लगातार कराना
- टीबी की वजह से बढ़ती मृत्यु और गंभीर जटिलताओं को कम करना
- गरीब और कमजोर वर्ग के मरीजों को विशेष सहारा देना
- टीबी मुक्त बिहार और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को मजबूत करना
जब मरीज को समय पर इलाज और पर्याप्त पोषण मिलता है, तो वह जल्दी ठीक होता है और TB का संक्रमण दूसरों तक पहुँचने की संभावना भी कम हो जाती है।
निक्षय पोषण योजना के मुख्य लाभ
यह योजना टीबी मरीज और उसके परिवार, दोनों के लिए फायदेमंद है। कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- पोषण के लिए आर्थिक मदद
इलाज के दौरान मरीज को हर महीने निर्धारित राशि दी जाती है, ताकि वह दूध, फल, सब्जियाँ और पौष्टिक भोजन ले सके। - इलाज पूरा करने में मदद
आर्थिक समस्या के कारण कई मरीज बीच में दवा लेना छोड़ देते हैं। इस योजना से उन्हें इलाज जारी रखने की प्रेरणा मिलती है। - सीधा बैंक खाते में पैसा (DBT)
राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पारदर्शिता बनी रहती है। - स्वास्थ्य व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव
जब ज़्यादा मरीज ठीक होते हैं और टीबी के नए मामले कम होते हैं, तो समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों पर अच्छा असर पड़ता है। - गरीब परिवारों को राहत
गरीब परिवारों के लिए यह राशि छोटी होते हुए भी बहुत सहारा बन जाती है, क्योंकि बीमारी के समय आमदनी अक्सर कम हो जाती है।
कौन लोग इस योजना के लिए पात्र हैं? (Eligibility)
निक्षय पोषण योजना का लाभ हर उस व्यक्ति को दिया जाता है जो निर्धारित शर्तों को पूरा करता हो। सामान्य रूप से यह पात्रता मानी जा सकती है:
- आवेदक टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित पंजीकृत मरीज होना चाहिए
- उसका टीबी उपचार सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा हो
- मरीज के पास बैंक खाता होना ज़रूरी है, ताकि राशि DBT के माध्यम से भेजी जा सके
- मरीज का आधार कार्ड या मान्य पहचान पत्र होना चाहिए
- बिहार के संदर्भ में – जो मरीज बिहार का निवासी है और यहाँ के स्वास्थ्य केंद्र में टीबी का इलाज करा रहा है
ध्यान रखें कि कुछ नियम ज़िले या राज्य के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए मरीज को अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से भी जानकारी ज़रूर लेनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करते समय आम तौर पर निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता पड़ सकती है:
- आधार कार्ड या कोई मान्य पहचान पत्र
- बैंक पासबुक की कॉपी / Account Number और IFSC Code
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- टीबी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी (जैसे Nikshay ID, यदि उपलब्ध हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो (यदि मांगी जाए)
- पता प्रमाण (Address Proof), जहाँ आवश्यकता हो
सटीक दस्तावेज़ों की सूची संबंधित पोर्टल या स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार थोड़ा बदलेगी, इसलिए आधिकारिक निर्देश अवश्य पढ़ें।
निक्षय पोषण योजना ऑनलाइन आवेदन 2026 – स्टेप‑बाय‑स्टेप प्रक्रिया
ध्यान: अलग‑अलग राज्यों और ज़िलों में पोर्टल या लिंक थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए यहाँ दी गई प्रक्रिया एक सामान्य मार्गदर्शिका के रूप में समझें। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से विवरण confirm करें।
Step 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ
सबसे पहले अपने राज्य या केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वास्थ्य पोर्टल / Nikshay पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
ब्राउज़र में सही URL टाइप करें या भरोसेमंद स्रोत (सरकारी विज्ञापन, स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी वेबसाइट) से लिंक लेकर ही वेबसाइट खोलें।
Step 2: Registration या Login करें
- यदि आप पहले से रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो New Registration / Sign Up वाला विकल्प चुनें।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल (यदि आवश्यक हो) और अन्य मांगी गई जानकारी भरें।
- मोबाइल नंबर पर आए हुए OTP को दर्ज करके अपना पंजीकरण पूरा करें।
- यदि पहले से registration है, तो सीधे User ID / Mobile + Password से लॉगिन करें।
Step 3: निक्षय पोषण योजना / TB Nutrition Support विकल्प चुनें
लॉगिन के बाद पोर्टल के अंदर मेनू या डैशबोर्ड में देखें:
- “Nikshay Poshan Yojana”,
- “TB Nutrition Support”
- या “DBT for TB Patients” जैसे नाम से विकल्प हो सकता है।
उसी पर क्लिक करके आगे बढ़ें।
Step 4: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें
अब आपको ऑनलाइन आवेदन फॉर्म दिखेगा, जिसमें आपसे यह जानकारी मांगी जा सकती है:
- पूरा नाम (मरीज का)
- पिता / पति का नाम
- पूरा पता – राज्य (बिहार), जिला, ब्लॉक, गाँव/वार्ड
- जन्मतिथि या उम्र
- मोबाइल नंबर
- आधार नंबर
- बैंक खाता संख्या, IFSC कोड, बैंक का नाम और शाखा
- टीबी से संबंधित विवरण –
- Nikshay ID (यदि दिया गया हो)
- जिस स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल में इलाज चल रहा है, उसका नाम
- इलाज शुरू होने की तारीख (यदि आवश्यक हो)
पूरी जानकारी सही‑सही और सावधानी से भरें, क्योंकि कोई भी ग़लत संख्या आगे चलकर समस्या पैदा कर सकती है।
Step 5: आवश्यक दस्तावेज़ Upload करें
फॉर्म में दिए गए स्थान पर मांगे गए दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी या साफ‑सुथरी फोटो upload करें:
- आधार कार्ड की कॉपी
- बैंक पासबुक का पहला पेज
- पासपोर्ट साइज फोटो (यदि आवश्यक हो)
- अन्य दस्तावेज़, यदि पोर्टल पर मांगे जाएँ
फाइल का साइज और फॉर्मेट (जैसे JPG, PNG, PDF) पोर्टल के अनुसार रखना होगा, इसलिए निर्देश ध्यान से पढ़ें।
Step 6: फॉर्म को ध्यान से जाँचें
सबमिट करने से पहले पूरा फॉर्म एक बार फिर से पढ़ लें:
- नाम, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या और IFSC कोड बिल्कुल सही हैं या नहीं
- मोबाइल नंबर ठीक है या नहीं
- दस्तावेज़ सही तरीके से upload हुए हैं या नहीं
कोई भी गलती आगे जाकर भुगतान रोक सकती है, इसलिए यह चरण बहुत महत्वपूर्ण है।
Step 7: फॉर्म सबमिट करें और रसीद संभालकर रखें
सभी जानकारी सही होने के बाद Submit / Final Submit बटन पर क्लिक करें।
फॉर्म सबमिट होने के बाद स्क्रीन पर एक Acknowledgment / Application Number दिखाई देगा।
- इस नंबर को कागज़ पर लिख लें
- या उसका Screenshot / PDF अपने मोबाइल में सेव कर लें
इसी नंबर की मदद से आप बाद में अपने आवेदन की स्थिति (Status) चेक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें?
- उसी पोर्टल पर जाकर अपने लॉगिन से साइन‑इन करें।
- “Application Status / आवेदन की स्थिति / लाभार्थी स्थिति” जैसा विकल्प चुनें।
- वहाँ अपना Application Number, मोबाइल नंबर या Nikshay ID डालें।
- Status में आपको पता चल सकेगा कि आपका आवेदन Pending, Approved या Rejected है।
यदि कोई गलती या कमी होगी, तो कई बार पोर्टल पर कारण भी लिखा होता है या फिर स्वास्थ्य केंद्र की ओर से सूचना मिल सकती है।
राशि कब और कैसे मिलेगी?
जब आपका आवेदन जांच के बाद स्वीकृत (Approved) हो जाता है, तो सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार:
- टीबी के उपचार की अवधि के दौरान
- नियत अंतराल पर (आमतौर पर हर महीने या तय समय पर)
- राशि सीधे आपके बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
सटीक राशि, भुगतान की अवधि और अन्य शर्तें समय‑समय पर सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या स्वास्थ्य विभाग की सूचना देखें।
महत्वपूर्ण सावधानियाँ
- हमेशा केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर ही आवेदन करें।
- किसी भी व्यक्ति के साथ अपना OTP, ATM PIN, Net Banking Password कभी साझा न करें।
- अगर कोई दलाल या एजेंट आपसे पैसे लेकर योजना का लाभ दिलाने की बात करे, तो सतर्क रहें।
- किसी भी संदेह की स्थिति में अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या ज़िला टीबी अधिकारी से संपर्क करें।
निष्कर्ष
निक्षय पोषण योजना टीबी मरीजों के लिए एक बेहद उपयोगी योजना है, जो उन्हें न सिर्फ आर्थिक रूप से सहारा देती है, बल्कि उनका इलाज पूरा कराने में भी मदद करती है।
टीबी मुक्त बिहार: निश्चय पोषण योजना आवेदन 2026 के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि राज्य में कोई भी टीबी मरीज पोषण की कमी के कारण पीछे न रह जाए।
यदि आपके घर या आसपास कोई टीबी मरीज है, तो उसे इस योजना के बारे में ज़रूर बताएं और आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन आवेदन करने में मदद करें।
आपकी छोटी‑सी जागरूकता और सहायता से कोई व्यक्ति स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकता है – और हम सब मिलकर टीबी मुक्त बिहार और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।